नई दिल्ली: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक गेम्स में मेडल जीता. टोक्यो में इतिहास रचने के बाद हॉकी टीम के सामने कई वैश्विक प्रतियोगिताओं में खुद को साबित करने की चुनौती है.
एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में परचम लहराने की बारी
ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरूष हॉकी टीम कोरिया के खिलाफ मंगलवार को एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के पहले मैच से नये सत्र का आगाज करेगी तो कई युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजरें रहेंगी.
भारत ने 2011 में टूर्नामेंट की शुरूआत से अब तक तीन बार खिताब जीता है. इसने 2016 में कुआंटन और 2018 में मस्कट में खिताब अपने नाम किया था.
कोरिया के खिलाफ भारत का पहला मैच
भारत को 14 दिसंबर को कोरिया से पहला मैच खेलना है. इसके बाद 15 दिसंबर को मेजबान बांग्लादेश से सामना होगा. तीसरा मैच 17 दिसंबर को पाकिस्तान से और 19 दिसंबर को एशियाई खेल चैम्पियन जापान से खेलना है.
सेमीफाइनल 21 दिसंबर को और फाइनल 22 दिसंबर को होगा.
खुद पर भरोसा रखने का समय
कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा कि कोरिया बहुत अच्छी टीम है और हमारे आक्रमण को धीमा कर सकती है.हमने इसी जगह पर 2017 एशिया कप में लीग चरण में उनसे 1 . 1 से ड्रॉ खेला था. हमें आत्ममुग्धता से बचते हुए अपने बेसिक्स मजबूत रखने होंगे.
टूर्नामेंट की अहमियत के बारे में उन्होंने कहा कि यह टोक्यो ओलंपिक के बाद हमारा पहला टूर्नामेंट है. हमारे लिये यह नये सत्र की शुरूआत है और जीत के साथ आगाज करने से आत्मविश्वास ऊंचा रहेगा.
इस टूर्नामेंट के लिये टीम में कई युवाओं को मौका दिया गया है. मनप्रीत ने कहा कि पिछले दो साल में हमारा फोकस ओलंपिक पर था तो कोर टीम में बदलाव नहीं किये गए. इससे युवा खिलाड़ियों में से कुछ को मौके नहीं मिल सके. ये सभी काफी मेहनत कर रहे हैं और इन्हें खुद को साबित करने का मौका दिया गया है.
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