गौ माता की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है


 पंडित अशोक चौबे गोवर्धन पूजा  मंडीदीप  गौ माता की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है सनातन धर्म में गौ  सेवा को ईश्वर सेवा माना गया गौमाता में संपूर्ण देवी देवताओं का वास होता है इसलिए उनकी सेवा के बराबर ईश्वर भक्ति का फल प्रधान करती है परंतु आधुनिक युग में गौ माता को निजी स्वार्थ के रूप में उपयोग किया जा रहा है उनको दर-दर की ठोकरें खाने पर छोड़ दिया जाता है यही कारण है कि वह सड़कों पर दिखाई देती हैं जब तक मनुष्य को गौ माता से स्वार्थ होता है दूध .दही .मक्खन  कंडे प्राप्त होते हैं तब तक ही वह गौ सेवा करते हैं इसके बाद आवारा मवेशियों की तरह सड़क पर छोड़ देते हैं जिसका हमें तिरस्कार करना चाहिए और ऐसे लोगों के ऊपर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए यह बात बात मंगलवार को पटेल नगर सरस्वती मंदिर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण के 5 दिन कथावाचक खातेगांव से पधारे पंडित अशोक चौबे ने कही साथ ही बताया  मानव कल्याण के लिए जीवन का मूलमंत्र बताया की दयावान बने मानव के प्रति दयावान बने पशुओं के प्रति दयावान बने गऊ माता की सेवा करे व जीवन का एक मूलमंत्र बना ले की हम कभी किसीका बुरा नहीं करेंगे यही जीवन का सबसे बड़ा ब्रत हे जिस घर में मानव किसी का बुरा नहीं चाहता वहां सदैव भगवान का वास होता हे साथ ही गोवर्धन पूजा  .पूतना वध और कालिया नाग मर्दन कथा श्रवण कराई कथा का आयोजन 18 से 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर से 2:00 से 5:00 तक आयोजित किया जा रहा है जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया

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