नारियों का सम्मान जिस घर में नहीं होता उस घर में ईश्वर का वास नहीं होता है

 


पंडित अशोक चौबे नंद के घर आनंद भयो .जय कन्हैया लाल की. की गूंज से गुंजा पूरा शहर श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मना मंडीदीप नारियों का सम्मान जिस घर में नहीं होता है उस घर में ईश्वर का वास नहीं होता है नारियों को गृह लक्ष्मी माना जाता है घर की रसोई का संचालन वही करती हैं उसी कारण मां अन्नपूर्णा का वास होता है इसलिए घर के भंडारे हमेशा भरे रहते हैं आधुनिक युग में हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे नारियां निकल रही हैं और अपना देश का नाम रोशन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं इसलिए हमेशा नारियों का सम्मान करना चाहिए जिससे दुख दरिद्रता का नाश होता है यह बात सोमवार को पटेल नगर सरस्वती मंदिर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण के चौथे दिन कथावाचक खातेगांव से पधारे पंडित अशोक चौबे ने कही साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरांगना रानी चेन्नम्मा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई .नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की .की गूंज पूरे शहर में गुंजायमान कर रही थी श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया इस मौके पर श्रद्धालु थिरकने से अपने आप को नहीं रोक पाए साथ ही पंडित चौबे ने बताया कलयुग में भगवान की प्राप्ति सत्संग से ही होती है भगवान भाव के भूखे होते हैं और हमेशा सत्य पर चलने वाले व्यक्तियों के साथ खड़े रहते हैं उनके हर सुख दुख में किसी न किसी रूप में आकर उनके कष्टों को हटते हैं इसलिए हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए परिस्थिति कोई भी हो पर ईश्वर की आस नहीं छोड़नी चाहिए और हमेशा भगवान की भक्ति करते रहना चाहिए परंतु आधुनिक युग में ईश्वर की भक्ति भी स्वार्थ पूर्ण हो गई है जब किसी कार्य को कराना पड़ता है या संकट के समय ही हमें ईश्वर की याद आती है बाकी समय में नहीं इसलिए हम दर-दर की ठोकरें खाते रहते हैं कथा का आयोजन 18 से 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर से 2:00 से 5:00 तक आयोजित किया जा रहा है जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया

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