नवनिर्वाचित अध्यक्षा को 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर की गयी नगर विकास को समय पर पूरा करने की मांग
मंडीदीप-
नवनिर्वाचित अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण करते ही प्रियंका राजेन्द्र अग्रवाल और विधायक सुरेन्द्र पटवा को एक स्नेहपाती सह मांगपत्र सर्वोदय सामाजिक संस्था द्वारा सौपा गया जिसमें 17 सूत्रीय मांगे नगर हित मे की गई है। इस तरह छटवी परिषद को प्रथम मांगपत्र देकर नगर के मूलभूत मुद्दों से अवगत कराने वाली सर्वोदय सामाजिक संस्था ने नवीन परिषद को स्नेहपाती के माध्यम से शुभकामनाएं भी प्रेषित की।
इस दौरान संस्थापक अध्यक्ष पंकज जैन, अनिल भवरे, हरभजन जांगड़े, राजू अतुलकर, सूरज मेहरा, रोहित ठाकुर समेत, पूनम चौकीकर समेत अनेकों लोग मौजूद रहे।
प्रमुख मांगे :
01. विशेष पर्वों में शहर व उसकी सीमाओं में मास विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध हो ।
02.मांस की दुकानों को सख्ती के साथ शहर से बाहर करने हेतु।
03. पटेल नगर में प्रस्तावित गौशाला भूमि जो अब तक मिट्टी खदान के नाम से राजस्व के रिकॉर्ड में दर्ज है, पर सर्व सुविधायुक्त गौशाला का निर्माण।
04. रहवासियों के रियायती आवागमन हेतु पूर्व में प्रस्तावित लोकल बसों का संचालन।
05. शहर की खस्ताहाल पड़ी सड़कों, खुली पड़ी नालियों और सीवेज इत्यादि पर काम।
06. नगर पालिका में प्रत्येक कार्य की समयावधि निर्धारित की जाए।
07. शहर में बस स्टैंड और रैन बसेरे की सुविधा हो।
08. अवैधानिक गतिविधियों के संचालन वाले वैध मकानो / दुकानों की सभी अनुमतियां रद्द की जाएं।
09. नपा कर्मचारियों की मनमानी की शिकायतों हेतु एक नंबर सार्वजनिक हो जिस पर नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
10. कम आय वाले अप्रवासी मजदूरों को रियायती दरों पर किराये के फ्लैट उपलब्ध कराने के जतन किये जायें। साथ ही शहर में किराये के मकानों के लिये सभी मापदंड तय कर मकान मालिकों की मनमानी पर नकेल कसी जाए।
11. पेयजलापूर्ति हेतु परिपक्व योजना तैयार कर इस विकट समस्या से रहवासियों को निजात दिलाने की दिशा में भी प्राथमिकता के साथ काम हो। एवं जलस्त्रोतों का संरक्षण हो ।
12. नगर में अविकसित पड़े पार्कों की उचित देखरेख, एक व्यवस्थित नवीन पार्क का निर्माण और खेल मैदान का विकास किया जाए।
13. साप्ताहिक लगने वाले हाट-बाजार की समुचित व्यवस्था की जाकर तहबाजारी बन्द की जाए यदि लागू हो तो नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए। साथ ही तहबाजारी से जुड़े नियमों का उल्लेख पर्ची पर अंकित करते हुए बिना वर्दी, नेम प्लेट, आई.डी कार्ड व पर्ची इत्यादि के वसूली न कि जाए।
14. शहर में अवैध कॉलोनियों की भरमार है, इसकी जांच कराकर दोषियों (शासकीय कर्मचारी बिल्डर) पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई कराई जाए और भविष्य में भी ऐसा न हो सुनिश्चित किया जाए।
15. नगर पालिका में करीब 650 लोगों का भारी भरकम अमला कार्यरत है। जिन पर वेतन के रूप में प्रतिमाह 1 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की जाती है। उनकी स्कूटनी कर ऐसे कर्मचारी जिन्हें अनावश्यक रूप से भर्ती कर बिना किसी काम के वेतन दिया जा रहा है। उन्हें हटाया जाये या फिर किसी आवश्यक कार्यों में लगाया जाये।
16. नगर की प्रतिभाओं का निखारने और उन्हें मंच प्रदान करने के लिए कला दीर्घा, कला मंच और रंगमंच के लिए सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाए।
17. शहर को प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा रखने को लेकर वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर गहन विचार किया जाये।
इनके अलावा भी.... अध्यक्ष महोदया अब आपको अपने सभी सहयोगी पार्षदों के साथ मिल कर औद्योगिक नगरी मण्डीदीप को न केवल विकास का आदर्श बनाना चाहिए बल्कि शहर के उद्योगों में हो रहे श्रमिकों के शोषण के विरुद्ध सर्वोदय सामाजिक संस्था के साथ मिलकर अपने एक परिवार के ऐशो आराम के लिए हजारों परिवारों का हक मारने वाले ठेकेदारों और उद्योगों के विरुद्ध व्यवस्था सुधार हेतु मानवता और श्रम सम्मान में आगे आकर वैश्विक पटल पर मण्डीदीप को एक आदर्श नगर के रूप में अंकित करने हेतु कार्य करना चाहिए। नगर की जनता चहुँमुखी विकास का स्वप्न संजोए बैठी है। निश्चित ही पूर्ण विस्वास है कि आप नगर का विकास जनाकांक्षाओं के अनुरूप कर मण्डीदीप नगर को विशेष पहचान दिलाने में सफल होंगीं।

