सतलापुर स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बाढ़ जैसे हालात ,जलभराव होने से जनजीवन अस्तव्यस्त
लगातार बारिश तथा दाहोद डेम और केरवा डेम से पानी छोड़े जाने के बाद बने हालात
मंडीदीप |
बीते 48 घंटों से हो रही लगातार बारिश व आसपास के इलाकों में जलभराव होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। लगातार बारिश और दाहोद डेम और केरवा डेम से पानी छोड़े जाने के बाद सतलापुर स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बाढ़, आने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। सूचना मिलते ही दोपहर करीब 12 बजे मौके पर पहुंचे प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। बाढ़ ग्रसित 15 से 20 सभी परिवारों को रेस्क्यू दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। रेस्क्यू कर बाहर निकाले गए करीब 50 लोगों को प्रशासन द्वारा राहत शिविर लगाकर उनकी अस्थाई व्यवस्था की गई। हालांकि बाढ़ पीड़ितों का कहना है, की एक दिन पूर्व बाढ़ आने का अंदेशा जताते हुए प्रशासन ने आगाह किया किन्तु मकानों।से बाहर आने की बात नहीं कही गई। यह कॉलोनी करीब 40 साल पुरानी है।
फ़ोटो खिंचाने पहुंचे जनप्रतिनिधि :
भूखे-प्यासे बाढ़ पीड़ितों ने मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक पटवा व अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश जताते हुए उन पर बस फ़ोटो खिंचवाने के लिए पहुंचने के आरोप लगाए हैं। बाढ़ पीड़ितों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि हम और हमारे बच्चे भूखे-प्यास से व्याकुल हैं। बच्चे घबराए हुए हैं और प्रशासन ने बस किनारे पर लाकर छोड़ दिया है।
2019 में बने थे इससे भी भयाभह हालत :
बाढ़ पीड़ित राधाकिशन ने बताया कि 3 बार यहाँ बाढ़ आ चुकी है, साल 2019 में भी 100 से 125 लोग बाढ़ में फंसे रहे थे करीब 14 फिट तक पानी भरा रहा। जिसकी सूचना मिलने के बाद भी 24 घंटे बाद प्रशासन की नींद खुली थी।
एक अन्य रहवासी अभिषेक तिवारी ने बताया कि उस वक़्त हमने बाढ़ आपदा प्रबंधन , सीएम हेल्प लाइन इत्यादि को भी फ़ोन किया लेकिन कोई मदद नहीं मिली
एक अन्य पीड़ित राधाकिशन ने बताया कि राम निरंजन पटेल द्वारा सोशल मीडिया पर मौके की वीडियो व तस्वीरें डाली तब कहीं जाकर प्रशासन द्वारा बचाव व राहत कार्य शुरू किया गया। ओमलता मालवीय एक आशा कार्यकर्ता हैं उनके 2 बच्चे हैं, पति की पहले ही मौत हो चुकी है, इनके मकान की पहली मंजिल तक पानी भरा हुआ। इन जैसे कई परिवारों का आरोप है, की प्रशासन वक़्त रहते राहत शिविर में उन्हें भेजकर सहायता मुहैया नहीं करा रहा है।
इनका कहना :
शासकीय स्कूल सतलापुर में राहत शिविर लगाया गया। जहाँ सभी बाढ़ पीड़ितों को रुकने, रहने व खाने की।अस्थाई व्यवस्था की गई है।
रघुवीर सिंह मरावी, तहसीलदार (गौहरगंज)


