"हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा" के उद्घोष से गूंजा जिला ,जन-जन का अभियान बनाने कलेक्टर के नेतृत्व में निकली पैदल तिरंगा यात्रा |

हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा के उद्घोष से गूंजा रायसेन ,जन-जन का अभियान बनाने कलेक्टर के नेतृत्व में अधिकारियों, कर्मचारियों ने निकाली पैदल तिरंगा यात्रा



रायसेन/मंडीदीप - :
हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन का अभियान बनाते हुए जिले के प्रत्येक नागरिक को इस अभियान से जोड़ने के लिए कलेक्टर अरविंद दुबे के निर्देशन में सम्पूर्ण जिले में व्यापक स्तर पर गतिविधियां, कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रायसेन नगर में कलेक्टर अरविंद दुबे के निर्देशन में तीन स्थानों कलेक्ट्रेट कार्यालय, शासकीय उत्कृष्ठ विद्यालय पाटनदेव तथा पुरातत्व संग्राहलय से एक साथ पैदल तिरंगा यात्रा निकाली गई। कलेक्टर अरविंद दुबे के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कार्यालय से तिरंगा यात्रा प्रारंभ हुई। जिसमें डीएफओ अजय पाण्डेय, अपर कलेक्टर आदित्य रिछारिया, जिला पंचायत सीईओ पीसी शर्मा, डिप्टी कलेक्टर मकसूद अहमद सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। यात्रा में सभी अधिकारी, कर्मचारी हाथों में तिरंगा थामे चल रहे थे और भारत माता की जय, हर घर तिरंगा-घर घर तिरंगा उद्घोष करते हुए चल रहे थे। यह तिरंगा यात्रा नगर में मुख्य मार्गो से होते हुए सागर तिराहे पहुंचकर समाप्त हुई। नगर में अनेक स्थलों पर नागरिकों, संगठनों द्वारा तिरंगा यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। रैली के समापन अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत बब्लू मीणा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि 


13 अगस्त से 15 अगस्त 2022 के बीच सभी नागरिक अपने घरों पर, प्रतिष्ठानों पर, कार्यालयों पर तिरंगा फहराकर हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाएं। कलेक्टर अरविंद दुबे ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी को तिरंगा झण्डा संहिता की जानकारी दी तथा हर घर तिरंगा अभियान से जुड़कर 13 से 15 अगस्त के मध्य राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की।



क्या है तिरंगा झण्डा संहिता ?

अब भारतीय झंडा संहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खंड (11) को अब इस तरह पढ़ा जाएगा, 'जहां झंडा खुले में प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है।' इससे पहले, तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी।हर घर तिरंगा अभियान के साथ ही गृह मंत्रालय ने भारतीय ध्वज संहिता, 2002 में संशोधन किया है, ताकि रात में भी राष्ट्रीय ध्वज को फहराया जा सके.
राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग और उसे फहराने को लेकर कुछ निर्देश होते हैं, जिसके आधार पर झंडा फहराने का नियम तय होता है. इसे 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002' कहा जाता है. यह संहिता राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े सभी कानूनों, परंपराओं, प्रथाओं और निर्देशों को एक साथ लाती है।

राष्ट्रीय ध्वज फहराना कोई आम ध्वज फहराने जैसा नहीं है. इसकी एक ध्वज संहिता है. इसकी जानकारी हर नागरिक को होनी चाहिए, ताकि ध्वज का किसी भी तरह से कोई अपमान नहीं हो. यहां यह बात भी गौर करने वाली है कि हर घर तिरंगा अभियान के साथ ही गृह मंत्रालय ने भारतीय ध्वज संहिता, 2002 में संशोधन किया है, ताकि रात में भी राष्ट्रीय ध्वज को फहराया जा सके. इसके साथ ही सरकार इससे पहले मशीन से बने और पॉलिएस्टर के झंडे के उपयोग की इजाजत देने के लिए ध्वज संहिता में संशोधन कर चुकी है।



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